पहाड़ वीरान हो गया

पहाड़ वीरान हो गया

    *पहाड़ वीरान हो गया* जिसने जीना सिखाया हमें वो पहाड़ वीरान हो गया जिसने जीना सिखाया हमें वो पहाड़ वीरान हो गया जो निवासी पहाड़ों का था अब वही मेहमान हो गया जिसने जीना सिखाया हमें वो पहाड़

उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों से हो रहे पलायन पर एक कविता।

उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों से हो रहे पलायन पर एक कविता।

“गाँव की टूटी आश जगा जा” क्यों है ये घर उजाड़ ? कहा गया इन घरों में पला दुलार ? आज देख इन घरों की दुर्दश दिल होने लगा ऱुआशा । बेशक चलो समय के साथ, पर मत भूलो पितरों